*न कालस्यास्ति बन्धुत्वं*
*न हेतुर्न पराक्रमः।*
*न मित्रज्ञातिसम्बन्धः*
*कारणं नात्मनो वशः॥*
(वा. रामायण, किष्कि., २५/७ )
अर्थात् - काल का किसी के साथ बन्धुत्व, मित्रता अथवा जाति बिरादरी का सम्बन्ध नहीं है। उसे वश में करने का कोई उपाय नहीं है और उस पर किसी का पराक्रम नही चल सकता। कारणस्वरूप काल जीव के भी वश में नहीं
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